रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि भारत किसी के आगे नहीं झुकेगा और अमेरिकी टैरिफ से भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत और चीन जैसे देश स्वाभिमानी और मजबूत हैं। पुतिन ने यह टिप्पणी वाल्डई क्लब में की, जहां उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय नेताओं पर भी तीखा हमला किया।
पुतिन का भारत पर भरोसा
जानकारी के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अमेरिका भारत पर दबाव डालकर रूस से ऊर्जा खरीद को रोकना चाहता है, लेकिन India strong against US tariffs है। उन्होंने साफ कहा कि भारत कभी भी अपमान स्वीकार नहीं करेगा और प्रधानमंत्री मोदी ऐसे कदम नहीं उठाएंगे। पुतिन ने दोहराया कि भारत की आर्थिक मजबूती और रणनीतिक सोच इसे किसी भी विदेशी दबाव से प्रभावित नहीं होने देगी।
अमेरिकी टैरिफ पर पुतिन की चेतावनी
जानकारी के अनुसार पुतिन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25% टैरिफ को मिलाकर कुल 50% हो गया है। इसके बावजूद, US tariffs impact on India न्यूनतम रहेगा। उन्होंने चेताया कि अगर अमेरिका अपने व्यापारिक साझेदारों पर ज्यादा शुल्क लगाएगा तो वैश्विक कीमतें बढ़ेंगी और अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।
रूस-भारत संबंध मजबूत
Russia India relations के संदर्भ में पुतिन ने कहा कि भारत के साथ उनकी दोस्ती और सहयोग सुदृढ़ है। उन्होंने भारत की नीति और निर्णयों की प्रशंसा की और कहा कि भारत हमेशा अपने नागरिकों और देशहित को सर्वोपरि रखता है। पुतिन ने भरोसा जताया कि भारत और रूस के बीच ऊर्जा और व्यापार संबंध मजबूत रहेंगे।
पश्चिमी देशों पर पुतिन का हमला
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूरोपीय नेताओं पर आरोप लगाया कि वे “युद्ध उन्माद फैला रहे हैं” और NATO के बारे में झूठी आशंकाएं गढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस किसी भी उकसावे पर कड़ी और निर्णायक प्रतिक्रिया देगा। पुतिन ने अमेरिका की दोहरी नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि अमेरिका खुद रूस से समृद्ध यूरेनियम खरीदता है, लेकिन भारत और चीन को दबाव में रखने की कोशिश करता है।
ब्रिक्स देशों और सहयोगियों की सराहना
पुतिन ने ब्रिक्स देशों और अन्य सहयोगियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने रूस की शांति पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती और स्वाभिमानी नीति के कारण कोई भी ताकत भारत को अपने दबाव में नहीं ला सकती। पुतिन ने यह भी पुष्टि की कि दिसंबर में वे भारत दौरे पर आएंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर बैठक करेंगे।